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12.50 CARATS FIROZA - - पिरोजक, फ़िरोज़ा

TSFR12.50

Rs.3375
Select Gender

Origin -

Iran

Metal suitable -

Silver and Copper

Astrological wear capability -

All Sun signs

Age -

For All Ages

Gender -

For All Genders

Product Dimension
NORMAL Gram
Product Weight
12.50CARATS Gram
Packet Weight
nil Gram
Packet Dimension
nil Gram

Description

 

Ratna Firofa, Pirojak: -

According to Vedic astrology, the turquoise planet is a gem associated with Jupiter. It is believed that by wearing turquoise gems it strengthens Jupiter in the horoscope so that the wearer is blessed with financial success, knowledge and good health. Turquoise is considered a light gem which does not have any negative effect on the life of the wearer. Therefore, it can be worn by anyone after primary consultation. In western astrology, it is advisable to wear turquoise gemstone as the birth-stone of the natives born in the month of December.

Benefits of wearing a turquoise?

Turquoise gems have been prized for their spiritual and healing properties for centuries. It is considered to be a sacred and auspicious stone for jewelery that creates positivity, happiness, luck, wealth and his health in the life of the wearer. With this, as we have already said that it is a gemstone related to Guru Brihaspati, through which Guru also becomes Balban.

Success in academics and creative career

Jupiter is powerful by wearing turquoise gemstones. Being effective, people of knowledge, education or people associated with the field of learning and teaching, such as scholars, researchers, lawyers, teachers, etc., are of great benefit. With this, turquoise improves decision-making skills and thinking ability.

Better financial status and social upliftment

In Vedic astrology, turquoise gemstone is related to wealth and prosperity. Astrologers believe in the spiritual abilities of turquoise to bring financial stability to life. It is believed to have a positive impact on the social status and lifestyle of the turquoise gemstone wearer.

Does liver and lung disorder heal?

The healing properties of turquoise have been in use since ancient times. It is effective for people suffering from kidney, liver or immune related diseases. Even the doctors believe in its properties to get relief from diseases like jaundice, tuberculosis, diabetes etc.

Take advantage of our civilization.

... Jai Chakradhari.


 

Description Hindi

रत्न फ़िरोफा, पिरोजक:- वैदिक ज्योतिष के अनुसार, फ़िरोज़ा ग्रह बृहस्पति से जुड़ा हुआ रत्न है। ऐसा माना जाता है कि फ़िरोज़ा रत्न धारण करने से यह कुंडली में बृहस्पति को मजबूत करता है जिससे धारण करने वाले को वित्तीय सफलता, ज्ञान और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। फ़िरोज़ा एक हल्का रत्न माना जाता है जो पहनने वाले के जीवन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं डालता। इसलिए, प्राथमिक परामर्श के बाद इसे किसी के द्वारा पहना जा सकता है। पश्चिमी ज्योतिष में फ़िरोज़ा रत्न को दिसंबर महीने में जन्म लेने वाले जातकों बर्थ-स्टोन के रूप में धारण करने की सलाह दी जाती है। फ़िरोज़ा धारण करने के लाभ? सदियों से फ़िरोज़ा रत्न अपने आध्यात्मिक और उपचार गुणों के लिए बेशकीमती बना हुआ है। यह आभूषण के लिए एक पवित्र व शुभ पत्थर माना जाता है जो पहनने वाले के जीवन में सकारात्मकता, खुशी, भाग्य, धन और उसकी सेहत को बनाता है। इसके साथ ही जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि यह गुरू बृहस्पति से संबंधित रत्न है जिससे गुरू भी बलबान होते हैं। शिक्षाविदों और रचनात्मक कैरियर में सफलता फ़िरोज़ा रत्न को धारण करने से बृहस्पति शक्तिशाली होते हैं। जिनके प्रभावी होने से ज्ञान, शिक्षा या सीखने व सिखाने के क्षेत्र से जुड़े लोगों, जैसे विद्वानों, शोधकर्ताओं, वकीलों, शिक्षकों आदि के लिए बहुत ही लाभ पहुँचाते हैं। इसके साथ ही फ़िरोज़ा से निर्णय लेने के कौशल और सोचने की क्षमता में सुधार होता है। बेहतर वित्तीय स्थिति और सामाजिक उत्थान वैदिक ज्योतिष में, फ़िरोज़ा रत्न धन और समृद्धि से संबंधित है। ज्योतिष जीवन में वित्तीय स्थिरता लाने के लिए फ़िरोज़ा की आध्यात्मिक क्षमताओं में विश्वास रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि फ़िरोज़ा रत्न पहनने वाले की सामाजिक स्थिति और जीवनशैली पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यकृत और फेफड़े के विकार को ठीक करता है? प्राचीन काल से फ़िरोज़ा के उपचार के गुणों का उपयोग किया जा रहा है। यह गुर्दे, यकृत या प्रतिरक्षा संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए प्रभावी है। यहां तक कि पीलिया, तपेदिक, मधुमेह आदि जैसी बीमारियों से राहत पाने के लिए चिकित्सक इसके गुणों में विश्वास रखते हैं। हमारी सभ्यता का लाभ ले। ।। जय चक्रधारी।।

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