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RUDRAKSH MALA IN SILVER CAP – रुद्राक्ष चांदी माला

RSMC

Rs.3800

रुद्राक्ष चांदी माला:

शिव पुराण के अनुसार रुद्राक्ष को भगवान शिव का आशीर्वाद माना जाता है। यह पेड़ से प्राप्त होता है, इसके कई फायदे हैं। आयुर्वेद ने इसके सभी लाभों और मूल्यों की खोज की है। यह नेपाल, भारत, इंडोनेशिया आदि कई क्षेत्रों में पाया जा सकता है, जिनमें से नेपाली रुद्राक्ष सबसे श्रेस्ट माना गया है। नेपाली रुद्राक्ष में ऊर्जा अन्य रुद्राक्ष की तुलना में सबसे अधिक है। रुद्राक्ष को सोने, चांदी और धागे (लाल रंग के धागे) में पहना जा सकता है।

रुद्राक्ष माला में इंडोनेशियाई छोटा रुद्राक्ष है, क्योंकि वे दैनिक आधार पर पहनने में आसान होते हैं। ये छोटे रुद्राक्ष ५ मुखी होते हैं। इन छोटे रुद्राक्षों में हर नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में बदलने के लिए उच्च ऊर्जा नहीं होती है, इसलिए कम से कम एक बड़ा रुद्राक्ष (नेपाली रुद्राक्ष) का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। इन रुद्राक्षों द्वारा ऊर्जा पात्र, किसी के नकारात्मक विचारों को सकारात्मक में बदल सकती है और जीवन में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में भी मदद करेगा। बड़े रुद्राक्ष का मुख अपनी आवश्यकता के अनुसार चुन सकते हैं। माला में चांदी की अपनी भूमिका होती है, यह पहनने वाले को कई लाभ भी देती है, जैसे की, यह पहनने वाले को आकर्षक बनाता है, त्वचा को स्वस्थ बनाता है और मन और शरीर को ठंडक या शांति प्रदान करने में मदद करता है|

पहनने करने वालों के लिए कुछ महत्वपूर्ण जानकारी:

१.        रसायनों के प्रयोग से बचें, क्योंकि वे रुद्राक्ष को नुकसान पहुंचा सकते हैं और उनकी ऊर्जा में गड़बड़ी कर सकता है। 

२.       रुद्राक्ष को इस्तेमाल करने से पहले या अपने शरीर पर पहनने करने से पहले जांच लें कि वह असली है या नकली।

३.       इसे हर समय पहने रहें, इससे किसी को भी कोई नुकसान नहीं होता है।

 

RUDRAKSHA MALA IN SILVER CAP:

According to the SHIV PURAN rudraksha is considered to be the blessing of LORD SHIVA. As it is obtained from tree is has many benefits. Ayurveda has discovered its all benefits and values. It can be found in many regions like Nepal, India, Indonesia, etc. from which Nepali rudraksha is best. Others are also good but the energy contained by Nepali rudraksha can’t be seen in any other rudrakshas. Rudraksha can be worn in gold, silver and thread (red coloured thread).

Rudraksha mala in silver cap, has Indonesian small rudraksha, as they are easy to wear on daily bases. These small rudraksha are 5 facing. As these small rudraksha don’t have that high energy to convert every negative energy into positive energy, it is important to use at least one big rudraksha (nepali rudraksha). The energy container by these rudraksha can change someone’s negative thoughts into positive and will also help in doing their best in life. One can chose the facing of big rudraksha according to their needs. The silver in mala has its own role, it also gives many benefits to the wearer, e. g. it makes the wearer look attractive, makes skin healthy and also helps to maintain coolness or calmness of mind and the body.

Additional points one should know whoever is wearing this rudraksha mala:

1.       Avoid using chemicals, as they can harm the rudraksha and silver which will lead to show less results due to the disturbance in their energy.

2.       Do check whether the rudraksha is real or fake before using it or before accepting it on your body.

3.       Keep wearing it all the time it doesn’t harm anyone in anyway. 

Product Dimension
normal size Gram
Product Weight
NIL Gram
Packet Weight
nil Gram
Packet Dimension
nil Gram

Description

Rudraksha Mala is such a garland - which can be chanted mantras of every deity.Rudraksha Mala is such a garland - which can be chanted mantras of every deity.
Mala of Rudraksha: All the mantras of Lord Shankar are chanted by Rudraksha's garland which are proved immediately. The basic mantra of Shiva is - Namah: Shivaaya. By chanting this mantra continuously, one gets a worry-free life. This mantra provides peace and coolness in life. Saying this Shiva mantra while offering water and bilvapatra to the Shivling and chanting it with a rosary of Rudraksha. This mantra of three words is mahamantra.
Rudraksh: It is well-being, Mars provider and ayushyavardhaka. Panchamukhi Rudraksha is considered extremely useful for the people of Aries, Sagittarius, Pisces, Lagna. This garland is generally considered useful for the chanting of all mantras. The beads of small grains of Rudraksha are considered more auspicious. The larger the rosary, the cheaper it is.
- It is considered to be the most auspicious and powerful. With this garland each mantra can be chanted. The smaller the rosary of Rudraksh the smaller the rash will be, the more useful it will be. To get the grace of Lord Shiva, one should wear it around the neck.
Apart from this, for the victory over death, Mahamrantyujaya mantra: ? Trimbakam yajamahe sugandhimpushivardhanam. Urvarukamiv Bandhanamantriksamax Matrimonial.
According to Padma Purana, Shiva Mahapuran, the wearer gets Shiva lok. Rudraksh is an omnipotent, auspicious and auspicious. Five-faced Rudrakh is considered very useful for the people of Aries, Sagittarius, Pisces, Lagna. This garland is generally considered useful for the chanting of all mantras. The garland of small grains of Rudraksha is considered more auspicious. The larger the beads of the garland, the cheaper it is. Wear this garland only after asking any astrology. It can control or control your blood pressure. Usually one to fourteen round Rudraksh garland is made. It is said that there is a law to wear garlands of 26 grains on the head, neck of 50, arms of 16 and 12 of garlands in the mind. Wearing a garland of 108 grains gives the fruits of Ashwamedha Yagya. According to Padma Purana, Shiva Mahapuran, the wearer gets Shivaloka.
It is said in Shivpuran-
As such f dhishte loke rudraksh: falaad: auspicious:.
Na and vindante anya ch malika parmeshwari.
That is, like any rosary of Rudraksha in the world, no other garland is fruitful and auspicious.
It is written in Shrimad Devi Bhagwat-
Rudraksh Dharanch is the best and not the best student.
That is, there is nothing in the world more than wearing Rudraksha. The rosary of Rudraksh is revered by the wearer.

Description Hindi

रुद्राक्ष चांदी माला रुद्राक्ष माला ऐसी माला है - जिसे हर देवी देवता के मंत्र जाप किये जा सकते हैं | रुद्राक्ष की माला : रुद्राक्ष की माला से भगवान शंकर के सभी मंत्रों का जप किया जाता है जो तुरंत ही सिद्ध हो जाते हैं। शिव का मूल मंत्र है- ॐ नम: शिवाय। इस मंत्र का निरंतर जप करते रहने से चिंतामुक्त जीवन मिलता है। यह मंत्र जीवन में शांति और शीतलता प्रदान करता है। शिवलिंग पर जल व बिल्वपत्र चढ़ाते हुए यह शिव मंत्र बोलें व रुद्राक्ष की माला से जप भी करें। तीन शब्दों का यह मंत्र महामंत्र है। रुद्राक्ष : यह सर्वकल्याणकारी, मंगल प्रदाता एवं आयुष्यवर्द्धक है। पंचमुखी रुद्राक्ष मेष, धनु, मीन, लग्न के जातकों के लिए अत्यंत उपयोगी माना गया है। यह माला सामान्यत: सभी मंत्रों के जप के लिए उपयोगी मानी गई है। रुद्राक्ष की छोटे दानों की माला अधिक शुभ मानी जाती है। जितने बड़े दानों की माला होती है, उतनी ही वह सस्ती भी होती है। - सबसे अधिक शुभ और शक्तिशाली माना जाता है।इस माला से प्रत्येक मंत्र का जप किया जा सकता है।जितने छोटे दाने की रुद्राक्ष की माला होगी उतनाही अधिक उपयोगी होगी। भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिये, गले मे धारण करना चाहिए। इसके अलावा मृत्यु पर विजय के लिए महामृंत्युजय मंत्र : ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्द्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धानान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।। पद्म पुराण, शिव महापुराण अनुसार इसे पहनने वाले को शिव लोक मिलता है। रुद्राक्ष यह सर्वकल्याणाकारी, मंगलप्रदाता एवं आयुष्यवर्द्धक है। पांचमुखी रुद्राख मेष, धनु, मीन, लग्न के जातकों के लिए अत्यन्त उपयोगी माना गया है। यह माला सामान्यत: सभी मंत्रों के जप के लिए उपयोगी मानी गई है। रूद्राक्ष की छोटे दानों की माला अधिक शुभ मानी जाती है। जितने बड़े दानों की माला होती है उतनी ही वह सस्ती भी होती है। यह माला किसी ज्योतिष से पूछकर ही पहनें। यह आपके रक्तचाप को कंट्रोल या अनकंट्रोल कर सकती है। आमतौर पर एक से लेकर चौदहमुखी रुद्राक्ष की माला बनाई जाती है। कहते हैं कि 26 दानों की माला सिर पर, 50 की गले में, 16 की बांहों में और 12 की माला मणिबंध में पहनने का विधान है। 108 दानों की माला पहनने से अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है। पद्म पुराण, शिव महापुराण अनुसार इसे पहनने वाले को शिवलोक मिलता है। शिवपुराण में कहा गया है- यथा च दृश्यते लोके रुद्राक्ष: फलद: शुभ:। न तथा दृश्यन्ते अन्या च मालिका परमेश्वरि।। अर्थात : विश्व में रुद्राक्ष की माला की तरह दूसरी कोई माला फल देने वाली और शुभ नहीं है। श्रीमद् देवी भागवत में लिखा है- रुद्राक्ष धारणच्च श्रेष्ठ न किचदपि विद्यते। अर्थात : विश्व में रुद्राक्ष धारण से बढ़कर कोई दूसरी चीज नहीं है। रुद्राक्ष की माला श्रद्धा से पहनने वाले इंसान की आध्यात्मिक तरक्की होती है।

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