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Citrine - सुनहला

Citrine gemstone offers several believed benefits: Physical Benefits: Improves digestion Detoxifies the body Boosts energy levels Enhances blood circulation Emotional and Mental Benefits: Brings positive energy and joy Enhances confidence and self-esteem Promotes mental clarity and focus Balances emotions and reduces anxiety Spiritual Benefits: Supports solar plexus chakra Attracts wealth and prosperity Provides protection against negative energies Miscellaneous Benefits: Stimulates creativity Aids in manifestation practices Promotes harmony in relationships Usage Tips: Wear as jewelry Use during meditation Place in home or office for positive energy Note: These benefits are based on beliefs in crystal healing and are not scientifically proven. Traditional medical advice should be sought for health issues.
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।। जय चक्रधारी ।।  


रत्न सुनहला

एक सुंदर एवं आकर्षक पीले सुनहरे स्फटिक रत्न की प्रजाति का पत्थर है, जिसको न केवल इसकी सौंदर्य शक्ति के लिए, बल्कि इसके माने जाने वाले आध्यात्मिक और चिकित्सीय गुणों के लिए भी महत्व दिया जाता है। यहां सुनहला रत्न से जुड़े कुछ लाभ दिए गए हैं:


A. शारीरिक लाभ:

१. पाचन तंत्र के स्वास्थ्य हेतु: माना जाता है कि सुनहला रत्न पाचन में सुधार करता है और समग्र पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।

डिटॉक्सीफिकेशन: यह शरीर के विष का हरण करने में सहायता करने के हेतु जाना जाता है, ऊर्जा के स्तर से ही अंगों के विषाक्त पदार्थों को खत्म करने में सहायता प्रदान करता है।

२. शारीरिक ऊर्जा वृद्धि: इस रत्न को ऊर्जा स्तर बढ़ाने और थकान को कम करने के साथ जोड़ा जाता है।

३. रक्त परिसंचरण में सुधार: कुछ लोगों का मानना है कि यह रत्न रक्त परिसंचरण में सुधार कर सकता है।


B. भावनात्मक और मानसिक लाभ:

१. सकारात्मक ऊर्जा: सिट्रीन को "सफलता का रत्न" या "व्यापारी का पत्थर" कहा जाता है और यह माना जाता है कि यह सकारात्मक ऊर्जा, प्रसन्नता और समृद्धि लाता है।

२. आत्मविश्वास और व्यक्तिगत शक्ति: यह आत्मविश्वास, व्यक्तिगत शक्ति और आत्म-सम्मान को बढ़ाने में मदद कर सकता है।

३. मानसिक स्पष्टता: रत्न सुनहला को मानसिक स्पष्टता और ध्यान केंद्रित करने को बढ़ावा देने के लिए भी उपयुक्त माना जाता है, जिससे निर्णय लेने और समस्या समाधान में सहायता मिलती है।

४. भावनात्मक संतुलन: यह भावनाओं को संतुलित करने, चिंता को कम करने और नकारात्मक भावनाओं को दूर करने में मदद कर सकता है।


C. आध्यात्मिक लाभ:

१. चक्र उपचार: इस रत्न को मणिपुर चक्र से जोड़ा जाता है, जो व्यक्तिगत शक्ति, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति को बढ़ावा देता है।

२. समृद्धि और प्रचुरता: यह माना जाता है कि यह धन, सफलता और व्यक्ति की सम्पूर्णता को आकर्षित करता है, जिससे यह व्यापार मालिकों के लिए तो एक लोकप्रिय पत्थर सिद्ध हो जाता है।

३. सुरक्षा: सुनहला रत्न को नकारात्मक ऊर्जाओं और भावनात्मक हानि के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए माना जाता है।



D. अन्य लाभ:

१. रचनात्मकता: माना जाता है कि यह रचनात्मकता को उत्तेजित करता है और नवाचारों को प्रेरित करता है।

२. अभिव्यक्ति: सिट्रीन को अभिव्यक्ति की क्रिया में उपयोग किया जाता है ताकि इच्छाओं और इरादों को वास्तविकता में लाया जा सके।

३. जीवन संबंधों में समरसता : यह कहा जाता है कि यह संबंधों में सामंजस्य और संतुलन को बढ़ावा देता है, स्पष्ट संचार और पारस्परिक समझ को प्रोत्साहित करता है।


उपयोग हेतु सुझाव:


१. आभूषण के रूप में पहनें: अंगूठियों, हार के लटकन या वलय के रूप में सिट्रीन पहनने से इसकी ऊर्जा आपके शरीर के समीप रहती है।

२. ध्यान में उपयोग करें: आध्यात्मिक विकास और व्यक्तिगत शक्ति को बढ़ाने के लिए ध्यान के दौरान सिट्रीन का उपयोग करें।

३. घर या कार्यालय में रखें: अपने घर या कार्यालय में सिट्रीन रखने से समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में मदद मिलती है।

हालांकि इन लाभों को क्रिस्टल हीलिंग समुदायों में व्यापक रूप से माना जाता है, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये वैज्ञानिक रूप से अभी यह सिद्ध नहीं हैं क्यूंकि यह रत्न सूक्ष्म जगत पर कार्य करता है, जबकि वैज्ञानिक अभी स्थूल जगत पर ही शोध कर रहे हैं ।


किन्तु फिर भी हमारा सुझाव है के स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं के लिए हमेशा पूर्ण चिकित्सा सलाह लेकर जीवन में आगे बढ़े ।


।।  ओउम का झंडा ऊँचा रहे ।। 

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