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|| Jai Chakradhari ||

Akhand Bharat - is considered to be the heart part of this earth. Humanity has learned to progress from this land.

Within the boundaries of this geographical country, there have been more than one stalwart - then they should be religious experts or related to metallurgy or they should be experts in music or they can diagnose diseases through Ayurveda.
Today we are working on small samples of the same art, but we are very happy to get their results.

According to metallurgy - every metal can prove to be very useful in life as it should be used properly. If it is brought into life in its pure form, then even the common man can experience its results.

Today it has been a long time searching for them and bringing them practically into the lives of people, and what to say about their results – they are fantastic.
As a quote -

1. By wearing copper metal, amazing results have been seen in cold, cough, cold, fever, body ache etc. 

2. Just by wearing silver - the restlessness of the mind completely calm, unnecessary anger completely calm. There has been an increase in the attractiveness in the speaking style, a wonderful change in the attitude of seeing and understanding towards any subject or object in the mind and knowing the depths of every issue.

3. Just by wearing gold - it increase the capacity of knowledge in the intellect in a very beautiful way. Suddenly there is an increase in the financial path of your life. Showing amazing results in intelligence and sharpness of speech.

These are just a few examples, when wearing them has given so many results, now you know further that when we make its utensils for cooking and eating, then even more results come out than human imagination.
According to Ayurveda, the condition is only this - that the metal should be used in pure form. 99%-100% pure form only.

So these are easy giving results in ones life.

In this link, according to Ayurveda, these metals come in the Maha Ashta dhatu called Eight Auspicious Metals which are:-
1. Gold, 2. Silver, 3. Copper, 4. Tin, 5. Iron, 6. Zinc, 7. Lead, 8. Mercury

Other metals are very important:-

1. Bronze, 2. Brass

In this way we are working on these metals which make unique contribution in the welfare of humanity.

We are constantly practicing on every metal, as far as our knowledge has reached, we have given extensive information on it.

Enjoy the science of metallurgy in the form of this wonderful knowledge of the land of India.
|| Aum Ka Jhanda Uncha Rahe ||


धातु:

|| जय चक्रधारी || 

अखंड भारत - इस पृत्वी का हृदय भाग माना जाता है | मानवता ने उन्नति करना इसी भूभाग से सीखा है |

इस भौगोलिक देश की सीमाओं के भीतर एक से बढ़कर एक धुरंधर हुए हैं - फिर वो धर्म धुरंदर होवें या धातु शास्त्र संभंधित या फिर वो संगीत के धुरंधर होवें या फिर आयुर्वेद के माध्यम से रोगों का निदान करने वाले धुरंधर |

आज हम उसी कला के छोटे छोटे नमूनों पर ही कार्य कर रहे हैं, किन्तु उनका परिणाम पा कर बहुत ही प्रसन्न हैं |

धातु शास्त्र अनुसार - हर धातु जीवन में बहुत ही उपयोगी सिद्ध हो सकती है बनस्पत उसका भली भाँती प्रयोग किया जाये | उसको शुद्ध रूप में ही जीवन में उतारा जाये, तो आम से आम भी उसके परिणामो को अनुभव कर सकता है |

आज इनपर खोज करते हुए और व्यावहारिक रूप में लोगों के जीवन में उतारे हुए लम्बा समय हो चला है, और इनके परिणामों का कहना ही क्या |

उद्धरण के रूप में -

१. ताम्बा धातु धारण करने मात्र से ही - सर्दी, खांसी, जुखाम, बुखार, बदन दर्द आदि में अध्भुत परिणाम देखने को मिले हैं |

२. चांदी धारण करने मात्र से ही - मन की चंचलता बिलकुल शांत, अनावश्यक क्रोध बिलकुल शांत | बोलने की शैली में आकर्षण का बढ़ना, मन मस्तिष्क में किसी भी वास्तु के प्रति देखने और समझमे का दृष्टिकोण अध्भुत रूप से बदल जाना और हर मुद्दे की गहराईयों को जान जाने जैसे परिणाम सामने आये हैं |

३. सोना धारण करने मात्र से ही - बुद्धि में ज्ञान की क्षमता को बढ़ने में बहुत सुन्दर तरीके से वृद्धि होना | अचानक आपके जीवन के आर्थिक मार्ग में बढ़त होना | बुद्धि और वाणी की तीक्ष्णता में कमाल के परिणाम दिखाए देना |

यह कुछ उदाहरण मात्र ही हैं, जब इन्हे धारण करने से ही इतने सारे परिणाम मिले हैं तो अब आप आगे जानिये के जब इनके भोजन पकाने और खाने के पात्र काम में लिए जाते हैं तो मानव की कल्पना से भी अधिक परिणाम निकल कर सामने आते हैं |

आयुर्वेद अनुसार शर्त केवल इतनी ही है - के धातु शुद्ध रूप में प्रयोग में ली जाए | ९९%-१००% शुद्ध रूप में ही |

तो इनके सहज ही परिणाम हैं |

इस कड़ी में आयुर्वेदानुसार महा अष्ट धातु में यह धातुएं आती है :-

१. सोना, २. चांदी, ३. ताम्बा, ४. रांगा, ५. लोहा, ६. जस्ता, ७. सीसा, ८. पारद,

अन्य उपधातुएं तो बहुत महत्वपूर्ण है:-

१. कांसा, २. पीताल

इस प्रकार हम इन धातुओं पर कार्यरत हैं जो मानवता के कल्याण में अद्वितीय सहयोग करती है |

हर धातु पर हम लोग लगातार अभ्यासरत हैं जिसकी हमारी जानकारी जहाँ तक पहुंच सकी है वहां तक हमने इसपर वृहद सूचनाएं दी हैं |

आनंद लीजिये भारत भूमि के इस अध्भुत ज्ञान रुपी धातु शास्त्र के विज्ञानं का ||||

|| ओ३म् का झंडा ऊँचा रहे ||

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