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।।  JAI CHAKRADHARI ।। 

।। (Gemstone coral-Moonga) ।। 


It is known by the names Pravalak, Praval, Bhaum-Ratna, Angarak Mani, etc. In common life, it is known by the name Moonga Ratna. Coral is deep red to mid-orange in color. 

This gem is actually born inside the sea like a branch of a tree; these branches are cut and brought in the form of nagine.

The area with the highest calcium content becomes a gem. ith the highest calcium content becomes a gem.

This coral tree can be more than 8-10 inches high and 2-2.5 inches attached to the root.

Atlantic Ocean

Red Sea

Canary Islands, Malaysian Islands, Japanese Islands, Hawaiian Islands, The biggest market for coral gems is in Naples (Italy), from where coral comes; hence, it is called Italian coral.

The knowledge of Indians about coral is very ancient. It is mentioned in the Mahabharata as well, whereas in Charakashinta, healing by coral has been mentioned in many places.

From a chemical point of view, it is "calcium carbonate."

This gem is also worn for beauty, and then it is also worn for the peace of "Mars."

It is widely used in medicine. Wearing it will do good.

According to astrology, Mars has been called the commander; therefore, the gemstone of this planet, coral, is also worn in various forms by the main prince, by wearing which the person becomes capable, domineering, and courageous enough to respect the enemies.

The zodiac stone of the people born in Aries and Scorpio is coral. Wearing coral leads to the all-round development of people with these zodiac signs. Coral is the life stone of those born under the signs of Aries or Scorpio.

Coral is the ultimate lucky stone for the person born in "Karkalagna," which opens the doors of their fortune. Capricorn, Aquarius, and Pisces ascendants can also wear coral.

According to foreign beliefs, people born in the month of January wear coral as their birthstone.

According to numerology, the number of people born on 9, 18, and 27 is 9. Therefore, if people with the number "nine" wear coral, they will have success in their plans soon.

Coral is available in many colors.

like red, orange, black, pink, and white.

But according to astrology, only dark orange, red, and white colours have been told to be useful.

Garlands of coral are also made.

Real coral mala is used in Lakshmi-Upasana, Maa Bagulamukhi Sadhana, Shakti Upasana, and Lord Hanuman's worship.

It is said that if it is worn with true devotion, it always gives auspicious results.

Coral (Nepaliya) is worn in copper or gold on the ring finger and Kanishka of the right hand. It is beneficial to wear it around the neck as well.

It has been told.

Just be careful not to wear fake coral; coral is now made of glass, wax, lac, plastic, bone, and other materials.



।।  जय चक्रधारी  ।।  

   

।। (रत्न प्रवाल - मूंगा  ) ।।     


प्रवालक, प्रवाल, भौम-रत्न, अंगारक मणि आदि नामों से यह प्रख्यात है। आम जीवन में इसे मूंगा रत्न नाम से पहचाना जाता है। मूंगा गहरा लाल नारंगी रंग के मध्य के रंग का होता है। 

यह रत्न वास्तव में तो वृक्ष की शाखा के समान समुन्द्र के भीतर पैदा होता है, इन्ही टहनियों को काट कर नगीने के स्वरूप में लाया जाता है।

जिस हिस्से में कैल्शियम की मात्रा प्रचुर हो उसी हिस्से का रत्न बनता है।  


यह प्रवाल वृक्ष से अधिक से अधिक ८- १० इंच ऊंचा और २-२.५ इंच जड़ से जड़ा हो सकता है।

अंध महासागर ( Atlantic Ocean)

लाल सागर ( Red Sea )

कैनरी द्वीप समूह, मलेशियन द्वीप समूह, जापानी द्वीप समूह, हवाई द्वीप समूह से प्राप्त किये जाते है। मूंगा रत्नो की सबसे बड़ी मंडी नेपल्स (इटली) में है, जहाँ से मूंगा आने के कारण यह इटेलियन मूंगा कहलाने लगा है। 

भारतीयों का प्रवाल विषयक ज्ञान अति प्राचीन है। महाभारत में भी इसका उल्लेख मिलता है, वहीं चरकसहिंता में अनेक स्थलों पर प्रवाल द्वारा चिकित्सा बताई गई है। 


रासायनिक दृष्टि से देखें तो यह ''कैल्शियम कार्बोनेट'' है। 

यह रत्न शोभार्थ भी धारण किया जाता है, तो ''मंगल ग्रह'' के शान्तार्थ भी धारण किया जाता है। 

यह औषधर्या में बहुत अधिक प्रयोग किया जाता है। धारण करने से मंगल करने वाला है। 

फलित ज्योतिष के अनुसार :- मंगल ग्रह को सेनापति कहा गया है, इसलिये इस ग्रह का रत्न मूंगा भी प्रारूपों में प्रधान राजपुरुष को पहनाया जाता है, जिसके पहनने से व्यक्ति शत्रुओ का मान-मर्दन करने में सक्षम, दबंग व सहासी हो जाता है। 

मेष राशि एवं वृश्चिक राशि में जन्में जातकों का राशि रत्न मूंगा है। मूंगा पहनने से इन राशि वाले व्यक्तियों का चहुमुखी विकास होता है। मेष लग्न एवं वृश्चिक लग्न में जन्म लेने वाले जातक का जीवन रत्न मूंगा है। 


 ''कर्कलग्न'' में जन्में जातक के लिये मूंगा परम भाग्योदयकारी रत्न होता है, जो इनके भाग्य के द्वार खोल देता है। मकर, कुंभ, मीन लग्न वाले भी मूंगा धारण कर सकते है। 

विदेशी मान्यता अनुसार जनवरी माह में जन्में लोग ''मूंगा'' बर्थस्टोन के रूप में पहनते है। 

न्यूमरोलॉजी के अनुसार - ९, १८, व २७ तारीखों में जन्में लोगों का मूलांक ९ होता है। अतः मूलांक ''नौ'' वाले लोग यदि मूंगा धारण करेंगे तो अपनी योजना में शीघ्र ही सफलता प्राप्त करते है। 

मूंगा कई रंगो में प्राप्त होता है। 

यथा लाल, नारंगी, काला, गुलाबी, सफ़ेद। 

किन्तु फलित ज्योतिष के अनुसार गहरे नारंगी, लाल व सफ़ेद ही काम के बताये गए है। 

मूंगा रत्न की मालाये भी बनाई जाती है।  

असली मूंगा माला पर लक्ष्मी-उपासना, माँ बगुलामुखी साधना, शक्ति उपासना, भगवान हनुमान कि उपासना  में प्रयोग किया जाता है। 

ऐसा कहा जाता है, कि यदि इसे सच्ची श्रद्धा से धारण किया जाए तो यह सदा ही शुभफल देता है। 

मूंगा - नेपालिया ताम्बे में या स्वर्ण में सीधे हाथ की अनामिका व कनिष्का में धारण किया जाता है। गले में भी इसे धारण करना लाभप्रद

बताया गया है।  

बस सावधानी यही रखनी है, कि मूंगा नकली न पहने आज बाजार में कांच के बने मूंगा, मोम के बने, लाख के बने व प्लास्टिक, हड्डी आदि से निर्मित मूंगा भी चलन में है, जिनसे हरदम दूरी रखनी चहिये।


।।ओ३म्  का झंडा ऊंचा रहे।।


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