Weight , Water Capacity वजन , जल क्षमता |
304 grams , 250 ml 304 ग्राम , 250 ml |
Making Technique बनाने की तकनीक |
Sipping Technique कर्तन तकनीक |
Appearance बनावट व रूप |
The glass features a slightly outward-flared design, making it comfortable to hold and convenient for drinking. Both the interior and exterior have a smooth finish, giving it an attractive look and making it easy to clean. गिलास का आकार हल्का बाहर की ओर खुला (फ्लेयर) डिज़ाइन वाला है, जिससे पीने में सुविधा और पकड़ने में आराम मिलता है। अंदर और बाहर दोनों तरफ स्मूद फिनिश है, जो इसे आकर्षक और साफ करने में आसान बनाता है। |
Cultural Significance सांस्कृतिक महत्व |
In Indian culture, copper utensils are considered symbols of purity and sanctity. Using a copper glass in weddings, yajnas, pujas, and religious rituals is regarded as auspicious and beneficial for health. This tradition has been passed down for generations, from rural villages to urban India. भारतीय संस्कृति में तांबे के बर्तन शुद्धता और पवित्रता के प्रतीक हैं। विवाह, यज्ञ, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में तांबे के गिलास का उपयोग शुभ और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। ग्रामीण से लेकर शहरी भारत में यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। |
Spiritual Benefits आध्यात्मिक लाभ |
A copper glass is considered a conductor of positive energy. Drinking water stored in it during worship, meditation, or spiritual practices helps purify the mind and enhance mental focus. It aids in dispelling negative energies and maintaining a sacred environment. Water stored in copper transforms into Tamra Jal, which balances the body’s energy channels, bringing stability to spiritual practices. तांबे का गिलास सकारात्मक ऊर्जा का संवाहक माना जाता है। पूजा-पाठ, ध्यान या साधना के समय इसमें रखा जल पीने से मन की शुद्धि और मानसिक एकाग्रता में वृद्धि होती है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और वातावरण को पवित्र बनाए रखने में सहायक होता है। तांबे में रखा जल ‘ताम्र जल’ बनकर शरीर की ऊर्जा-धाराओं को संतुलित करता है, जिससे आध्यात्मिक साधना में स्थिरता आती है। |
Planetary Association ग्रह संबंध |
The combined energies of the Sun and Mars make this a powerful medium for enhancing inner strength, decision-making ability, spiritual protection, and energized worship. This Glass helps balance and harmonize the energies of these planets. सूर्य और मंगल दोनों की संयुक्त ऊर्जा इस को एक ऐसा साधन बनाती है जो आत्मबल, निर्णय क्षमता, आध्यात्मिक रक्षा और ऊर्जावान उपासना के लिए अत्यंत उपयुक्त है। इस चषक का उपयोग इन ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करने और अनुकूल बनाने में सहायक होता है। |
Key Features मुख्य विशेषताएँ |
This glass is handcrafted from pure copper, ensuring long-lasting quality. Its slightly flared design makes it comfortable to hold and easy to use. The smooth polish on both the inside and outside not only gives it an attractive appearance but also makes it easy to clean. Copper’s natural antimicrobial properties make it even more beneficial for health. यह गिलास शुद्ध तांबे से हस्तनिर्मित है, जो लंबे समय तक अपनी गुणवत्ता बनाए रखता है। इसका हल्का फैलाव वाला डिज़ाइन इसे पकड़ने और उपयोग करने में सहज बनाता है। अंदर-बाहर की चिकनी पॉलिश न केवल आकर्षक दिखती है, बल्कि साफ करना भी आसान बनाती है। तांबे के प्राकृतिक एंटीमाइक्रोबियल गुण इसे स्वास्थ्य के लिए और भी लाभकारी बनाते हैं। |
Ayurvedic Dosha Balance आयुर्वेदिक दोष नियंत्रण |
Pitta: ✅ Highly Beneficial, Vata: ✅ Supportive, Kapha: ✅ Neutral पित्त: ✅ अत्यंत लाभकारी, वात: ✅ सहायक, कफ: ✅ संतुलित |
Ayurvedic Labh आयुर्वेदिक लाभ |
According to Ayurveda, copper is Tridoshahara—meaning it helps balance all three bodily doshas: Vata, Pitta, and Kapha. Water stored in it for 6–8 hours transforms into Tamra Jal, which improves digestion, boosts metabolism, keeps the skin healthy, and detoxifies the body. It is also believed to help in relieving joint pain, preventing anemia, and protecting against infections. आयुर्वेद के अनुसार, तांबा त्रिदोषहर होता है— अर्थात यह शरीर के वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करता है। इसमें रखा पानी 6–8 घंटे में ‘ताम्र जल’ बन जाता है, जो पाचन शक्ति को बेहतर करता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है, त्वचा को स्वस्थ रखता है और शरीर को डिटॉक्स करता है। यह जोड़ों के दर्द, एनीमिया और संक्रमणों की रोकथाम में भी सहायक माना जाता है। |
Chakra Sambandh चक्र संबंध |
This Glass specifically activates the Manipura Chakra (Solar Plexus Chakra), which is associated with digestive fire, confidence, and willpower. It also helps balance the Root Chakra (Muladhara), enhancing stability and vital life energy. यह चषक विशेष रूप से मणिपुर चक्र (Solar Plexus Chakra) को सक्रिय करता है, जो पाचन अग्नि, आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति से जुड़ा होता है। साथ ही यह मूलाधार चक्र (Root Chakra) को भी संतुलित करता है, जिससे स्थिरता और जीवन ऊर्जा बढ़ती है। |
Maintenance देखभाल |
, ash, or coarse sand (bajri). राख या बजरी आदि से साफ करें |
Usage Instruction प्रयोग निर्देश |
Use the glass only for storing water, herbal drinks, or Ayurvedic beverages. Keep water in the glass for at least 6–8 hours and drink it on an empty stomach in the morning. Do not store milk, acidic juices (such as lemon or orange), or carbonated drinks in the copper glass. गिलास को केवल जल, हर्बल ड्रिंक या आयुर्वेदिक पेय पदार्थ रखने के लिए प्रयोग करें। गिलास में रखा पानी कम से कम 6–8 घंटे रखें और फिर सुबह खाली पेट पिएं। तांबे के गिलास में दूध, अम्लीय रस (जैसे नींबू, संतरा) या गैसयुक्त पेय न रखें। |
Country of Manufacturing निर्माण का देश |
India
भारत
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