Weight , Water Capacity वजन , जल क्षमता |
196 grams , 450 ml 196 ग्राम , 450 ml |
Making Technique बनाने की तकनीक |
Sipping Technique कर्तन तकनीक |
Appearance बनावट व रूप |
This glass is made of pure metal, with a smooth and polished finish. Its design is round and crafted for a comfortable grip, making it easy to hold and suitable for everyday use. The glass’s sturdiness and balance ensure its durability. यह गिलास शुद्ध धातु से निर्मित है, जिसका फिनिश चिकना और पॉलिश किया हुआ है। इसका डिज़ाइन गोल और आरामदायक ग्रिप के लिए तैयार किया गया है, जिससे हाथ में पकड़ना आसान हो और रोज़मर्रा के उपयोग के लिए उपयुक्त हो। गिलास की मजबूती और संतुलन इसकी टिकाऊपन को सुनिश्चित करता है। |
Cultural Significance सांस्कृतिक महत्व |
In Indian culture, copper utensils are considered symbols of purity and sanctity. Using a copper glass in weddings, yajnas, pujas, and religious rituals is regarded as auspicious and beneficial for health. This tradition has been passed down for generations, from rural villages to urban India. भारतीय संस्कृति में तांबे के बर्तन शुद्धता और पवित्रता के प्रतीक हैं। विवाह, यज्ञ, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में तांबे के गिलास का उपयोग शुभ और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। ग्रामीण से लेकर शहरी भारत में यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। |
Spiritual Benefits आध्यात्मिक लाभ |
Copper is considered a sacred metal that attracts positive energy and dispels negative energy. When used to store water, it enhances the purity and sattvic quality of the water, bringing peace to the mind and soul of the person who drinks it. Consuming copper-charged water before worship or meditation increases mental concentration and purifies the energetic aura. तांबा एक पवित्र धातु मानी जाती है, जो सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है। इसे जल रखने के लिए प्रयोग करने से जल में सात्विकता बढ़ती है और इसे पीने वाले व्यक्ति के मन और आत्मा में शांति आती है। पूजा या ध्यान से पहले ताम्र जल का सेवन मानसिक एकाग्रता को बढ़ाता है और ऊर्जात्मक आभामंडल (Aura) को शुद्ध करता है। |
Planetary Association ग्रह संबंध |
The combined energies of the Sun and Mars make this a powerful medium for enhancing inner strength, decision-making ability, spiritual protection, and energized worship. This Glass helps balance and harmonize the energies of these planets. सूर्य और मंगल दोनों की संयुक्त ऊर्जा इस को एक ऐसा साधन बनाती है जो आत्मबल, निर्णय क्षमता, आध्यात्मिक रक्षा और ऊर्जावान उपासना के लिए अत्यंत उपयुक्त है। इस चषक का उपयोग इन ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करने और अनुकूल बनाने में सहायक होता है। |
Key Features मुख्य विशेषताएँ |
This glass is handcrafted from pure copper, making it not only beautiful and traditional but also health-enhancing. Its ergonomic design ensures a comfortable grip, while the polished inner surface preserves the quality of the water. Highly durable, it provides both physical and mental benefits through copper-infused water. यह गिलास शुद्ध तांबे से हस्तनिर्मित है, जो न केवल सुंदर और पारंपरिक है बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी है। इसका एर्गोनॉमिक डिज़ाइन पकड़ने में आरामदायक है और अंदरूनी सतह की पॉलिश पानी की गुणवत्ता को बनाए रखती है। यह लंबे समय तक टिकाऊ है और ताम्र जल के माध्यम से शारीरिक व मानसिक लाभ प्रदान करता है। |
Ayurvedic Dosha Balance आयुर्वेदिक दोष नियंत्रण |
Pitta: ✅ Highly Beneficial, Vata: ✅ Supportive, Kapha: ✅ Neutral पित्त: ✅ अत्यंत लाभकारी, वात: ✅ सहायक, कफ: ✅ संतुलित |
Ayurvedic Labh आयुर्वेदिक लाभ |
According to Ayurveda, copper is Tridoshahara—meaning it helps balance all three bodily doshas: Vata, Pitta, and Kapha. Water stored in it for 6–8 hours transforms into Tamra Jal, which improves digestion, boosts metabolism, keeps the skin healthy, and detoxifies the body. It is also believed to help in relieving joint pain, preventing anemia, and protecting against infections. आयुर्वेद के अनुसार, तांबा त्रिदोषहर होता है— अर्थात यह शरीर के वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करता है। इसमें रखा पानी 6–8 घंटे में ‘ताम्र जल’ बन जाता है, जो पाचन शक्ति को बेहतर करता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है, त्वचा को स्वस्थ रखता है और शरीर को डिटॉक्स करता है। यह जोड़ों के दर्द, एनीमिया और संक्रमणों की रोकथाम में भी सहायक माना जाता है। |
Chakra Sambandh चक्र संबंध |
This Glass specifically activates the Manipura Chakra (Solar Plexus Chakra), which is associated with digestive fire, confidence, and willpower. It also helps balance the Root Chakra (Muladhara), enhancing stability and vital life energy. यह चषक विशेष रूप से मणिपुर चक्र (Solar Plexus Chakra) को सक्रिय करता है, जो पाचन अग्नि, आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति से जुड़ा होता है। साथ ही यह मूलाधार चक्र (Root Chakra) को भी संतुलित करता है, जिससे स्थिरता और जीवन ऊर्जा बढ़ती है। |
Maintenance देखभाल |
, ash, or coarse sand (bajri). राख या बजरी आदि से साफ करें |
Usage Instruction प्रयोग निर्देश |
Use the glass only for storing water, herbal drinks, or Ayurvedic beverages. Keep water in the glass for at least 6–8 hours and drink it on an empty stomach in the morning. Do not store milk, acidic juices (such as lemon or orange), or carbonated drinks in the copper glass. गिलास को केवल जल, हर्बल ड्रिंक या आयुर्वेदिक पेय पदार्थ रखने के लिए प्रयोग करें। गिलास में रखा पानी कम से कम 6–8 घंटे रखें और फिर सुबह खाली पेट पिएं। तांबे के गिलास में दूध, अम्लीय रस (जैसे नींबू, संतरा) या गैसयुक्त पेय न रखें। |
Country of Manufacturing निर्माण का देश |
India
भारत
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